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रैला खनन माफियाओं से जोहड़ के रास्ते को संरक्षित करने की मांग जिला कलेक्टर को दिया ज्ञापन

पाटन(बबलू यादव)--निकटतम गांव हसामपुर के राजस्व ग्राम जाटवास के पास बहुत वर्षों से बने हुए दो बड़े जोहड़ व तालाब है जो कि ग्राम व क्षेत्र के जल स्तर को बढ़ाने के स्रोत है। हसामपुर उपसरपंच सहित कई लोगों ने ज्ञापन में बताया कि 5 वर्षों से खनन कार्यों मे लिप्त लोग जोहड़ के अंदर से रास्ता निकाल रखा था। जो पूरी तरीके से अवैध था इस अवैध रास्ते की वजह से जोहड़ में आने वाले पानी का रास्ता भी बंद हो गया था। राजनीतिक रसूख के चलते खनन माफियाओं द्वारा पानी के रास्ते को बंद कर दिया गया था। अब विगत दो माह पूर्व ग्रामवासियों के जन सहयोग से उक्त पानी के आगमन के रास्ते को लाखों रुपए खर्च कर उन्हें चालू कर दिया गया उसका सकारात्मक परिणाम भी इस बार वर्षा में देखने को मिला। क्षेत्र के जोहड़ में तालाब में बारिश का पानी खूब आने से जोड़ व तालाब लबालब हो गए जिससे क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ी।
गौरतलब है कि इस क्षेत्र में जल स्तर को बढ़ाने के लिए जोहड़ और तालाब ही एक मात्र साधन है जिससे चलते जल में आसपास के नलकूपों व कुओं में पानी का जलस्तर बढ़ता है। अब सुनने में आया है कि खनन कार्य दोबारा से चालू होने पर खनन माफियाओं द्वारा उस रास्ते को फिर से अवरुद्ध किया जाएगा। इस संबंध में उक्त जलभराव के लिए बनाए गए नालों को रैला खनन क्षेत्र के लिए अवैध रास्ता बनाने की लिए पानी के रास्ते को खनन माफिया बंद करने के लिए सक्रिय हैं। ऐसा होने पर तालाब को भारी नुकसान हो सकता है ऐसे में एक दर्जन से अधिक लोगों ने कलेक्टर से मांग की है कि इस अवैध रास्ते को रोके और जल स्तर को बढ़ाने में क्षेत्रवासियों की मदद करें।
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