आंसर पैटर्नबदलने से कठिन रहा पेपर, कम रहेगी कटऑफ

सीकर- आईआईटी में प्रवेश के लिए रविवार को ज्वाइंट एंट्रेस एग्जामिनेशन (एडवांस)-2018 ऑनलाइन दो पारियों में हुई। सीकर में सोभासरिया इंजीनियरिंग कॉलेज, आईऑन व भारतीय इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी कॉलेज में बनाए गए केंद्रों पर 1033 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।


विषय विशेषज्ञों के अनुसार पिछले साल की इस बार तुलना दोनों पेपर टफ रहे। क्योंकि गणित, भौतिक विज्ञान व रसायन शास्त्र के एक पार्ट इंटीजर में उतर देने का पैटर्न बदल दिया गया। ऐसे में इस बार कटऑफ कम रहने की संभावना है। सीकर में बनाए गए तीन सेंटरों पर परीक्षा दो पारियों सुबह 9 से दोपहर 12 बजे और दोपहर दो से शाम 5 बजे तक आयोजित हुई।

जेईई एडवांस की परीक्षा पहली बार ऑनलाइन हुई। देशभर में जेईई एडवांस में 1.67 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए जबकि 2.31 लाख अभ्यर्थियों ने मैंस क्वालीफाई किया था। मैंस में क्वालीफाई अभ्यर्थियों की संख्या में हर वर्ष इजाफा हो रहा है लेकिन जेईई एडवांस के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या घट रही है। विद्यार्थियों को कम से कम एडवांस के लिए आवेदन कर परीक्षा तो देनी चाहिए।

कौटिल्य आईआईटी एकेडमी के डायरेक्टर उत्सव अनल ने बताया कि फ़र्स्ट पेपर मीडियम रहा। वहीं सेकंड पेपर में मैथ्स के सवालों ने विद्यार्थियों को थोड़ा परेशान किया। सेकंड पेपर में फिजिक्स व केमिस्ट्री के सवाल आसान रहे। दोनों पेपर्स में इंटीजर के सवाल कठिन आए।

उन्होंने बताया कि गत वर्ष की तुलना में इस बार कटऑफ कम रहेगी। वहीं गुरुकृपा कोचिंग इंस्टीट्यूट के विषय विशेषज्ञ महेंद्र सैनी ने बताया कि इस बार इंटीजर पार्ट को पूरी तरह से बदल दिया गया। इसमें आंसर का पैटर्न बदल दिया है। पिछले सालों में आंसर 0 से 9 डिजिट तक के आते थे।

जबकि इस बार इंटीजर पार्ट के सभी सवालों के आंसर टू डेसिमल राउंड ऑफ आंसर दिए गए हैं। दोनों पेपर्स में 54-54 सवाल आए। 180-180 मार्क्स का पेपर था। पेपर में मल्टीपल च्वाइस में माइनस-2 व सिंगल च्वाइस में माइनस-1 नेगेटिव मार्किंग थी।

साभार: दैनिक भास्कर

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