जयपुर न्यूज़- सरकार से चर्चा किए बगैर पुलिस मुख्यालय की ओर से एसटी-एससी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना करने के निर्देश जारी करना महंगा पड़ गया।


सर्कुलर जारी होने के 25 दिन बाद जब मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को मंगलवार को चित्तौड़गढ़ में पता चला तो पुलिस मुख्यालय ने आनन-फानन में सर्कुलर वापस ले लिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार भी इस मामले में पक्षकार बने।

उधर, मुख्यमंत्री ने कहा है कि अधिकारी स्तर पर सर्कुलर जारी कर दिया गया था। एसटी-एससी के फैसले पर भारत सरकार ने एक रिव्यू पिटिशन फाइल कर रखी है। इसका राज्य सरकार समर्थन कर रही है।

- दरअसल, 23 मार्च को एसटी-एससी एक्ट के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की पालना करने के लिए एडीजी सिविल राइट्स एमएल लाठर ने सभी जिला एसपी, डीसीपी, रेंज आईजी और पुलिस कमिश्नर को सर्कुलर जारी किया था।

इसके तहत सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना की जानी थी और एसटी-एससी के केस में तुरंत गिरफ्तारी और बिना प्राथमिक जांच किए मामला दर्ज नहीं करने जैसी बातें शामिल थी।

- गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में विभिन्न संगठनों ने पहले 2 अप्रैल को भारत बंद किया था। इसके बाद कोर्ट के फैसले के समर्थन में सोशल मीडिया पर चल रहे मैसेज वायरल होने के बाद 10 अप्रैल को भारत बंद हुआ था।

पायलट बोले- कांग्रेस के दबाव में वापस लिया सर्कुलर 

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस के दबाव में पुलिस की ओर से जारी किए गए परिपत्र को वापस लेना पड़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता एक बार फिर उजागर हुई है। कांग्रेस ने जब विरोध किया तो सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा है।

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