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बीकानेर से लाए थे हथियार, एक संदिग्ध हिरासत में, चंद्रभान हथियार बेचने के लिए वाट्सएप वॉयस मैसेज करता था

चंद्रभान व नरेश आठ दिन के पुलिस रिमांड पर, सीकर पुलिस की टीम बीकानेर में जांच के लिए पहुंची

sikar - शेखावाटी में हथियारों की सप्लाई बीकानेर के जरिए की जा रही थी। पुलिस ने बीकानेर से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। इसके तार बीकानेर जेल में बंद एक हिस्ट्रीशीटर से जुड़े हुए हैं। उसकी गैंग चंद्रभान व नरेश को हथियार सप्लाई कर रही थी। पुलिस को शक है कि शेखावाटी में गैंगवार के इरादे से हथियार जमा किए जा रहे हैं। बताया जाता है कि चंद्रभान हथियार बेचने के लिए वाट्सएप वॉयस मैसेज की मदद लेता था।


हथियार खरीदने वाले लोग उसे वॉयस रिकॉर्डिंग के जरिए मैसेज भेजते थे। इसके बाद वह हथियार पहुंचाता, ताकि सिक्योरिटी एजेंसियां उसे ट्रेस नहीं कर सके। क्योंकि-वाट्सएप मैसेज को सिक्योर माना जाता है। पुलिस चंद्रभान व नरेश की कॉल डिटेल खंगाल रही है। बीकानेर से पकड़े गए संदिग्ध व चंद्रभान की कॉल डिटेल का भी मिलान किया जा रहा है।

पुलिस को चंद्रभान से पूछताछ में बीकानेर से हथियार सप्लाई करने के नेटवर्क के बारे में सुराग मिलने के बाद एक टीम बीकानेर रवाना कर दी गई। वहां टीम ने बीकानेर के सदर थाना इलाके में चांदनी बार में दबिश देकर एक जने को हिरासत में ले लिया। पुलिस बीकानेर में गिरोह से जुड़े अन्य बदमाशों के बारे में सघनता से पूछताछ कर रही है। पुलिस को दोनों के पास से एक बाइक भी मिली, वह नरेश की ही है।

 अजमेर जेल से जुड़ा बराल और अमीन का कनेक्शन 

गैंगस्टर आनंदपाल के बेहद खास रहे सुभाष बराल को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया है। इसी जेल में बीकानेर के हिस्ट्रीशीटर अमीन को रखा गया है। सीकर में हथियारों के जखीरे के साथ पकड़े गए चंद्रभान व नरेश से हथियारों के लिए बीकानेर से ही संपर्क किया गया था।

ऐसे में माना जा रहा है कि अजमेर जेल में सुभाष बराल और अमीन की दोस्ती होने के बाद दोनों ने मिलकर जेल से ही एक-दूसरे के गुर्गों को जोड़कर बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया। सीकर पुलिस एक संदिग्ध को बीकानेर से पकड़ कर लाई है, उसका भी अमीन से सीधा जुड़ाव है।

बीकानेर से पुराना नाता है शेखावाटी गिरोह का 

बीकानेर से शेखावाटी गिरोह का पुराना नाता जुड़ा हुआ है। बीकानेर में आनंदपाल व राजू ठेहट दोनों के ही गैंग के लोकल नेटवर्क सक्रिय रहे है। बीकानेर जेल में ही 28 जुलाई 2014 को गैंगस्टर आनंदपाल को मारने के लिए कैदी जयप्रकाश ने देशी कट्टे से फायरिंग की थी। फायरिंग के दौरान आनंदपाल के सामने बलबीर बानूड़ा आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

फायरिंग में आनंदपाल को भी कई गोली लगी थी। इसके बाद बीकानेर जेल में ही आनंदपाल के अन्य गुर्गों ने जयप्रकाश उर्फ जेपी व रामपाल की ईंटों से पीटकर हत्या कर दी थी। जयप्रकाश व रामपाल दोनों राजू ठेहट के ही गुर्गे थे। इससे पहले जनवरी 2014 में सीकर जेल में कैदी सुभाष मूंड ने राजू ठेहट पर गोली चला दी थी। उसके बाद उसे एसएमएस अस्पताल में ले जाया गया। बाद में उसे जयपुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद आनंदपाल डीडवाना में पेशी के दौरान चालानी गार्डों पर फायरिंग कर फरार हो गया था।

यह था मामला

पुलिस ने रविवार देर रात को नाकाबंदी के दौरान चंद्रभान व नरेश को गिरफ्तार किया था। उनके पास से सात पिस्टल व सात छोटी मैगजीन, दो बड़ी मैगजीन मिली थी। पुलिस ने कांसली निवासी चंद्रभान से पूछताछ के बाद घर से तलाशी में एक कारबाइन, एक रिवाल्वर, 150 कारतूस, 30 कारतूस 12 बाेर, 67 कारतूस .38, 163 कारतूस 7.62 एमएम के साथ सात मैगजीन बरामद थी।

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