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सेना भर्ती: कड़ाके की सर्दी में 3925 में से 90 फीसदी अभ्यर्थी नंगे पैर कंकरीट के ट्रैक पर दौड़े,

पहले दिन दौड़े लक्ष्मणगढ़ और रामगढ़ शेखावाटी के युवा, सप्लीमेंट्स लेने वाले दो दर्जन अभ्यर्थियों काे पहले ही बाहर निकाला

सेना भर्ती: जिला स्टेडियम में शुक्रवार को सेना भर्ती के पहले दिन लक्ष्मणगढ़ और रामगढ़ शेखावाटी के युवा दौड़े। 90 फीसदी युवा बजरी व बारीक कंकरीट पर नंगे पैर दौड़े और 5.30 मिनट से कम समय में ही दौड़ पूरी कर ताकत का अहसास कराया।


असल में, भारतीय सेना शेखावाटी युवाओं को प्राथमिकता देती है। सेना को जवान देने में प्रदेश में शेखावाटी पहले नंबर पर है। गांव के कच्चे रास्तों से होकर हर साल 700 से ज्यादा नौजवान इस पक्के इरादे के साथ सेना में भर्ती होते हैं कि देश पर आंच नहीं आने देंगे।

इसी जज्बे के साथ शुक्रवार रात दो बजे ही 3925 युवा खेल स्टेडियम पहुंच गए। यकई बार गिरे, लेकिन फिर फाैलादी हौसलों के साथ खड़े हुए समय पर दौड़ पूरी की। दैनिक भास्कर ने दिनभर सेना भर्ती से जुड़ी हुई खास जानकारी आपके लिए जुटाई है।

5.30 मिनट में दौड़ पूरी करने पर 60 अंक मिलते हैं 

5.30 मिनट में दौड़ पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को 60 अंक मिलते हैं। वहीं, 5.31 से 5.45 मिनट के दौरान आने वाले अभ्यर्थियों को अलग से नंबर के अाधार पर बैठाया जाता है।

इसके बाद अभ्यर्थी जंप, जिगजैक और बीम के प्रोसेस से गुजरते हैं। 10 बीम वाले अभ्यर्थियों को 40 अंक, 9 बीम लगाने पर 33 अंक और 6 बीम से कम लगाने वाले को फेल कर दिया जाता है।

इसके बाद मेजरमेंट टेस्ट लिया जाता है, जिसमें ऊंचाई, चेस्ट और वजन नापते हैं। अंत में सभी अभ्यर्थियों के अध्ययन व निवास संबंधी दस्तावेज जांचते हैं और सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी ली जाती है।

अंत में सभी अभ्यर्थियों को मेडिकल के लिए तारीख व समय बताया जाता है।

प्रमुख बिंदु - 

➧ 250-250 के ग्रुप में अभ्यर्थियों को कतार में बैठाया गया।
➧ दौड़ से पहले वार्मअप करवाया।
➧ 25 अभ्यर्थियों को सेना ने टेबलेट्स और सप्लीमेंट के साथ पकड़ा गया। इन्हें बाहर कर दिया गया।
➧ 33115 अभ्यर्थियों ने सेना भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।
➧ दौड़ और शारीरिक परीक्षा में सफल रहे अभ्यर्थियों का मेडिकल शनिवार सुबह पांच बजे से शुरू किया जाएगा।

➧ आज नीमकाथाना का नंबर : शनिवार को सेना भर्ती केलिए नीमकाथाना इलाके के 6152 अभ्यर्थी दौड़ेंगे।

पहले दिन की भर्ती से जुड़े तीन ऐसे किस्से, जो गर्व और शौर्य की कहानी बयां करते हैं

➧ रामगढ़ शेखावाटी और लक्ष्मणगढ़ के 3925 युवाओं ने भाग लिया। इनमें से 70 फीसदी गांव-ढाणियों से थे। उन इलाकों से, जहां शहरों की तरह सुविधाएं नहीं होती। ट्रेनिंग ग्राउंड नहीं होते। पढ़ाई लिखाई की अच्छी व्यवस्था नहीं होती लेकिन गांव की मिट्टी में देश पर मर मिटने का जज्बा छिपा होता है।

➧ पहले दिन दौड़े 3925 अभ्यर्थियों में से 427 दौड़ में सफल घोषित किए गए। इनमें से मेडिकल के लिए 368 अभ्यर्थियों को चुना गया है। अच्छी बात यह थी कि ज्यादातर बच्चे दौड़ को निर्धारित समय में ही पूरा कर रहे थे। कई बच्चेगिरे भी, लेकिन फिर खड़े हुए और दौड़ पूरी की।

अनुशासन का पाठ यहां के बच्चे हमेशा से ही घर, परिवार और पूर्व सैनिकों से सीखते रहे हैं। यहां के पूर्व सैनिक भी बच्चों को ट्रेनिंग देते रहते हैं। यही वजह है कि युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया के दरमियान अनुशासन भी बनाए रखा। सेना के अधिकारियों ने यहां के युवाओं की तारीफ की।

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