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आरटेट: अभ्यर्थियों का आरोप- विज्ञान से स्नातक वालों को बना दिया अंग्रेजी का अध्यापक

प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय अध्यापक सीधी भर्ती 2016 का मामला

नीमकाथाना न्यूज़- प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय अध्यापक सीधी भर्ती 2016 के परिणाम में अभ्यर्थियों ने फर्जीवाड़ा के आरोप लगाए हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि शैक्षणिक दस्तावेज जांचे बिना ही नियुक्ति की सिफारिश की गई है।


4 दिन पहले जारी हुए परिणाम में विज्ञान विषय से स्नातक करने वाले अभ्यर्थी को अंग्रेजी विषय का अध्यापक बनाया है। आरटेट-रीट के फर्जी रोल नंबर बताकर नियुक्ति की सिफारिश की गई है। रीट में 60 फीसदी से कम अंक लाने वालों को भी अंग्रेजी का अध्यापक बना दिया है। दस्तावेजों की जांच किए बिना आरटेट प्रथम लेवल उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को द्वितीय लेवल के लिए योग्य माना है।

एक ही अभ्यर्थी को अंग्रेजी और विज्ञान विषय में नियुक्ति दी गई है। अभ्यर्थियों ने शिक्षा निदेशक को ज्ञापन सौंपा। शैक्षणिक दस्तावेज जांचे बिना नियुक्ति करना गलत बताया है।

अभ्यर्थी नरपतसिंह और मुकेश ने बताया कि सूची में कई ऐसे अभ्यर्थी है जिन्होने विज्ञान विषय से स्नातक है। लेकिन उसका अंग्रेजी के लिए चयन किया है। चयन सूची में ऐसे अभ्यर्थियों के नाम है, जो आरटेट में लेवल प्रथम के लिए योग्य है। जबकि उनका चयन लेवल सैंकंड के लिए किया गया है।

प्रदेश में कुल 6045 पदों पर की जानी है भर्ती 

प्रदेश में 6045 पदों पर भर्ती होनी है। इनमें 4940 पद अंग्रेजी, 100 पद हिंदी और 927 पद विज्ञान विषय के पद है। 78 पद विशेष शिक्षक के थे। शिक्षा निदेशालय द्वारा परिणाम जारी होते ही बवाल शुरू हो गया है।

अभ्यर्थियों ने परीक्षा परिणाम में फर्जीवाड़ा किए जाने के आरोप लगाए है। शिक्षा निदेशालय द्वारा परीक्षा परिणाम में 70 फीसदी अंक आरटेट-रीट के जोड़े गए है। 30 फीसदी अंक स्नातक के शामिल किए है। दोनों के अंक जोड़कर मैरिट बनाई गई है। लेकिन परिणाम जारी होते ही भर्ती विवादों में चली गई।

-सचिन पत्रकार 

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