दो साल से घरों में नहीं आती सप्लाई, लीकेज पाइप लाइन का पानी गड्ढ़ों से छानकर पीते हैं 200 लोग

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सरकारी सिस्टम काे शर्मसार करती तस्वीर...

नीमकाथाना न्यूज़- यह सरकारी सिस्टम की शर्मनाक तस्वीर है। नीमकाथाना से महज चार किमी दूर सिरोही के पास मोगसिंह की ढाणी के कई परिवारों को सड़क किनारे टूटी लाइनों के लीकेज से पेयजल का इंतजाम करना पड़ता है। यह बेहद चौंकाने वाला सच है।

यहां कुछ परिवारों ने सड़क किनारे गड्ढ़े बना लिए हैं। इनमें इकट्ठा होने वाले पानी को कपड़े से छानकर बाल्टियों में भरते हैं। इसके बाद पेयजल के लिए इस्तेमाल करते हैं। हर दिन सुबह सात बजे सिरोही के लिए पेयजल सप्लाई चालू की जाती है। इसी दरमियान मोगसिंह की ढाणी व धोली डूंगरी के परिवार इन गड्ढों के पास पहुंच जाते हैं और पानी इकट्ठा करने की जुगत शुरू हो जाती है।

मोगसिंह ढाणी के 200 लोगों का आरोप भी है कि कुछ रसूखदार लोग बोरिंग पर पानी भरने नहीं देते। इसलिए राणासर से आ रही भूमिगत पाइप लाइन के लीकेज का पानी ही पीते हैं।

  • मोगसिंह ढाणी में दो बोरिंग भी हैं, एक दूर है तो दूसरे से रसूखदार भरने नहीं देते पानी। 
  • सुबह 7 बजे महिलाओं को सर्द मौसम में भी गड्ढ़ों से पानी इकट्ठा करना पड़ता है

सर्दी में जल संकट, पानी की एक-एक बूंद की कहानी....

  • मोगसिंह की ढाणी की लाडो व सुनीता कहती हैं-दो साल से पानी की समस्या है। इसलिए सुबह सात बजे उठते हैं और पानी कपड़े से छानकर बाल्टी में इकट्ठा करते हैं। 
  • आगवाड़ी सरपंच राजेंद्र मीणा कहते हैं, मोगसिंह की ढाणी व पीपली में दो बोरिंग हंै। आबादी 300 लोगों की है। बोरिंग से पानी नहीं भरने देने के आरोप निराधार है।
  • ढाणी में दो बोरिंग हैं। इनमें एक सूख गई। जबकि दूसरे पर गांव के रसूखदार पानी भरने नहीं देते हैं। दो ट्यूबवैल नई भी बनाई गई है। इनका भी इस्तेमाल नहीं कर पाते। 
  • जलदाय विभाग के एईएन सतवीर यादव का कहना है, लीकेज की जानकारी तो है, लेकिन महिलाएं इस तरह पानी इकट्ठा करती हैं तो गुरुवार को जेईएन से जांच कराई जाएगी।

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