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दुष्कर्म-गर्भपात के दोनों आरोपी गिरफ्त में, गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल में की तोड़फोड़, मान्यता भी होगी रद्द

अजीतगढ़- हरदास का बास में 12वीं कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म और गर्भपात के बाद मंगलवार को ग्रामीण आक्रोशित हो गए। लोगों ने जनता विद्या मंदिर सीनियर सैकंडरी स्कूल को घेर लिया। स्कूल में पत्थर फेंके। फर्नीचर, खिड़की व अन्य जगहों पर तोड़फोड़ की।

दुष्कर्म-गर्भपात के दोनों आरोपी गिरफ्त में, गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल में की तोड़फोड़, मान्यता भी होगी रद्द
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सूचना के बाद अजीतगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। समझाइश के बाद भी ग्रामीण माने नहीं। उन्होंने मांग रखी कि स्कूल व रजनीश हॉस्पिटल की मान्यता निरस्त कर आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इधर, पुलिस ने आरोपी स्कूल प्रबंधक जगदीश यादव व अध्यापक जगत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

कलेक्टर नरेश ठकराल के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने भी स्कूल की जांच के लिए कमेटी गठित की। शिक्षा विभाग की टीम ने जांच कर रिपोर्ट डीईओ को सौंप दी। इसके बाद डीईओ ने निदेशक को स्कूल की मान्यता निरस्त करने की अभिशंषा कर दी।

ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल व रजनीश हॉस्पिटल की मान्यता निरस्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। ग्रामीणों ने तय किया है कि वे अपने बच्चों को स्कूल में नहीं पढ़ाएंगे। इसलिए उनके बच्चों की टीसी दिलाई जाए। नायब तहसीलदार केदारनाथ सैनी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद भी ग्रामीण नहीं माने और दोपहर ढाई बजे ग्रामीणों ने स्कूल के ताला लगा दिया।

संचालक ने शिक्षक पर डाला दोष कहा- जगतसिंह कर रहा था दुष्कर्म 

पुलिस ने आरोपी स्कूल प्रबंधक जगदीश यादव व अध्यापक जगत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस आरोपियों को पूछताछ के लिए नीमकाथाना सदर में लेकर चली गई थी। जहां दिनभर पूछताछ के बाद शाम को आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपी जगदीश यादव ने बताया कि जगत सिंह छात्रा के साथ दुष्कर्म कर रहा था। उसे मालूम था लेकिन उसने स्कूल की इज्जत बचाए रखने के लिए पुलिस को शिकायत नहीं की। पुलिस आरोपी जगदीश की बातों पर विश्वास नहीं कर रही। पुलिस का कहना है कि पीड़िता के बयान होने पर सच्चाई सामने आएगी।

प्रारंभिक जांच में सामने आ रहा है कि जगत सिंह स्कूल में रहता था। बालिका का घर स्कूल से करीब 200 मीटर दूर था। वह कई बार शाम को छात्रा के घर पर जाता था।

312 घंटे बाद भी बोल नहीं पा रही है छात्रा हालत गंभीर

पीड़िता का 16 दिनों से जयपुर के एसएमएस अस्पताल की बागड़ यूनिट में उपचार चल रहा है। बालिका का ब्रेन 312 घंटे से हाईपोक्सी स्थिति में है। ऐसे में बालिका की हालात गंभीर बनी हुई है। एसएमएस अधीक्षक डॉ. डीएस मीणा ने बताया कि बालिका कब तक रिकवर होगी या नहीं होगी, यह अभी कहा नहीं जा सकता है। उन्होंने बताया कि पीड़िता को ट्यूब के जरिए जूस दिया जा रहा है।

रजनीश अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा-हमने नहीं किया गर्भपात

बालिका से दुष्कर्म के मामले में नया मोड़ अा गया है। पीड़िता के भाई ने मुकदमे में बताया कि उसकी बहन का रजनीश अस्पताल में मिलीभगत से गर्भपात किया गया। इससे उसकी बहन की तबीयत बिगड़ गई। वहीं, सोमवार को पुलिस रजनीश अस्पताल पहुंची।

सीओ कुशाल सिंह ने बताया कि उन्होंने डॉ. रजनीश व डॉ. कानन से पूछताछ की तो उन्होंने कहा उन्होंने गर्भपात नहीं किया। बालिका पहले से किसी जगह गर्भपात कराकर उनके पास आई थी। उन्होंने पुलिस को दस्तावेज दिखाए। सीओ का कहना है कि ऐसी स्थिति में डॉक्टरों की लापरवाही सामने नहीं आ रही है। पुलिस जांच कर रही है।

शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में माना स्कूल ने मामले को दबाकर रखा 

कलेक्टर के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने भी जांच टीम बनाई। डीईओ सैकंड दयाल सिंह ने जांच टीम गठित की। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हरदास का बास के प्रधानाचार्यगिरधारी लाल रैगर व झाड़ली के प्रधानाचार्य गंगाराम मीणा को स्कूल में भेजा गया। जांच टीम ने रिपोर्ट दी है कि छात्रा के साथ दुष्कर्म की वारदात हुई है। विद्यालय प्रबंधन ने मामले को दबाए रखा। रिपोर्ट के आधार पर डीईओ द्वितीय ने माध्यमिक शिक्षा विभाग, बीकानेर को स्कूल की मान्यता निरस्त करने की अभिशंसा की है।

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