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स्पेशल रिपोर्ट: नीमकाथाना प्रदेश में पेट्रोल-डीजल तस्करो ने जमा रखा धंधा प्रशासन रोकने में नाकाम

नीमकाथाना: इन दिनों नीमकाथाना इलाके में हरियाणा से बड़ी तादाद में पेट्रोल-डीजल की तस्करी हो रही है। तस्करी कर रहे लोगों ने इसे अच्छा कारोबार बना रखा है। जिससे प्रदेश में दूरदराज तक हरियाणा से पेट्रोल-डीजल लाकर अवैध तरीके से बेच रहे हैं।

स्पेशल रिपोर्ट: नीमकाथाना प्रदेश में पेट्रोल-डीजल तस्करो ने जमा रखा धंधा प्रशासन रोकने में नाकाम
फाइल फोटो- नीमकाथाना भास्कर

एक अनुमान के मुताबिक रोजाना 40 से 50 हजार लीटर पेट्रोल- डीजल अवैध रूप से हरियाणा की सीमा से होते हुए राजस्थान आ रहा है। महीने भर में आने वाले तेल की कीमत तक़रीबन 10 लाख रुपए होती है। तस्करों के खिलाफ कोई कार्रवाई ना होने की वजह से ये अवैध कारोबार खूब फलफूल रहा है।

भास्कर ने जब मामले की पड़ताल कर तह तक जाने  कोशिश की तो सामने आया कि तस्कर पुलिस व स्थानीय लोगों की शह पर पेट्रोल-डीजल की तस्करी को बेख़ौफ़ होकर अंजाम दे रहे हैं। तेल के तस्कर बड़ी ही आसानी से तेल से भरे ड्रमों की गाड़ियों को राजस्थान की सीमा में प्रवेश करा लेते हैं।

सीमा पार के करीब दो दर्जन पेट्रोल पंप तस्करी के धंधे से ही फल-फूल रहे हैं। जानकारी के अनुसार हर दिन 30 लाख से ज्यादा कीमत के तेल की तस्करी होती है। पुलिस तस्करों के हजारों लीटर पेट्रोल-डीजल जब्त भी कर चुकी है। अकेले पाटन थाने में 10 हजार रुपए से ज्यादा के जब्त किए हुए डीजल के ड्रम पड़े हैं। क्षेत्र के पाटन, शहर कोतवाली व सदर थाने में बड़ी मात्रा में जब्त डीजल-पेट्रोल के ड्रम रखे हुए हैं। यहां हाल ही में बड़ी मात्रा में डीजल का डिस्पोजल भी करवाया गया था।

इस मामले पर सीओ का क्या कहना है

इस पुरे मामले पर नीमकाथाना के सीओ कुशालसिंह का कहना है कि "पेट्रोल-डीजल तस्करी के मामले को लेकर पुलिस गंभीर है। सीमा इलाके में विशेष निगरानी रखी जाती है। कई बार अवैध पेट्रोल-डीजल जब्त भी किया जाता हैं। मामले में संबंधित विभाग भी कार्रवाई करे तो तस्करी पर अंकुश लगेगा।"

हरियाणा की दर पर बेचते हैं डीजल-पेट्रोल, प्रति ड्रम कमाते हैं 500 से 700 रुपए

डीजल पेट्रोल के तस्कर रात को तेल के के ड्रम लाते हैं। उन्हें सुबह दुकानों पर उतारते हैं। भास्कर टीम ने जब मामले में खुले में तेल बेच रहे दुकानदारों से बात की तो चौंकाने वाले खुलासे सामने आये। तस्कर राजस्थान में हरियाणा की रेट पर ही तेल बच रहे हैं। इसके एवज में प्रति ड्रम 400 रुपए मिलते हैं। इसके अलावा हरियाणा पंप मालिक तस्करों को अच्छा कमीशन भी देते हैं। तस्करों में पुलिस का खौफ तो दूर-दूर तक नहीं है। स्थानीय लोगों की मानें तो कई पिकअप वाले 24 घंटे में पांच चक्कर हरियाणा के लगा लेते हैं। वे सीधे खदानों पर डीजल सप्लाई करते हैं। जिससे उन्हें मोटी रकम हासिल होती है।

बनी रहती है हादसे की आशंका

प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में खुले तौर पर दुकानों में पेट्रोल डीजल बेचने से हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। पिछले दिनों शहर के गांवड़ी मोड़ पर एक दुकान में इसी वजह से आग लग गई थी। इसमें दुकान व मकानों में भारी नुकसान हुआ था। इसके बावजूद भी प्रशासन मामले को लेकर गंभीर नहीं है। उसका कार्रवाई करने से जी कतराता है।

 सरकार काे महीने में हो रहा करीब आठ लाख का नुकसान

अवैध रूप से डीजल व पेट्रोल की बिक्री से सरकार के राजस्व में करीब 7.90 लाख रुपए का प्रति महीने नुकसान हो रहा है। डीजल 4.80 रुपए सस्ता व पेट्रोल 3.61 रुपए सस्ता मिलने के कारण लोग इसे खरीद रहे हैं। पाटन इलाके में तो अब डीजल तस्करी अच्छा मुनाफा कमाने वाला धंधा बन चुका है। जगह-जगह लोग ड्रम रखकर तेल बेचते नजर आते हैं। तेल की अवैध बिक्री के कारण सरकार को राजस्व को तस्कर लाखों की चम्पत लगा जाते हैं।

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