वन्यजीव गणना: रातभर जंगल में पेड़ों पर मचान बनाकर बैठे वन विभाग के कर्मचारी, ट्रैप कैमरे की मदद से रिकॉर्ड की वन्य जीवों की गतिविधियां, जुटाए आंकड़े

Sonu Roy
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नीमकाथाना में 5 तो पाटन में 4 पैंथर, सबसे ज्यादा बंदरों का कुनबा, कुईया में दिखा पैंथर

नीमकाथाना: वन विभाग की तरफ से गुरुवार को बुद्ध पूर्णिमा पर वन्य जीवों की गणना सुबह 8 बजे शुरू की गई जो शुक्रवार सुबह 8:00 बजे तक चली। पहली बार प्रदेशभर में बड़े स्तर पर यह गणना की गई इसके लिए विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर तैयारियां की गई जिनमें ऊंची मचान बनाना, वाटर प्वाइंट बनाना, नाइट विजन ट्रेप कैमरे के सेटप लगाना प्रमुख गतिविधियां रही।
पूर्णिमा की चांदनी रात में पेड़ों और ऊंची मचान पर बैठे वन्यकर्मी रातभर जंगली जानवरों की गणना में लगे रहे। इसके लिए बालेश्वर कंजर्वेशन रिजर्व एरिया में पहली बार ट्रैप कैमरे लगाए गए नीम का थाना और पाटन में करीब 23 वाटर पॉइंट चिन्हित किए गए थे जिनमें से 20 स्थान पर ट्रैप कैमरे लगाए गए थे।

पहली बार लगे ट्रैप कैमरे

रेंजर रविंद्र सिंह भाटी ने बताया कि वन्य जीव गणना 24 घंटे चली जिसमें नीम का थाना और पाटन में 23 वाटर पॉइंट बनाए गए जिन पर मचान लगाई गई और ट्रेप कैमरे लगाए गए। जहां ट्रैप कैमरे लगाए गए थे उन सभी स्थान पर पैंथर नहीं आने से ट्रेप कमरे में पैंथर को कैद नहीं किया जा सका। हालांकि कई स्थानों पर पैंथर की दहाड़ सुनाई दी। इस दौरान 46 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई थी। नीमकाथाना रेंज के 13 वॉटर पाइंट पर 26 कार्मिक और पाटन रेंज के 10 वॉटर पाइंट पर 20 कार्मिकों ने ड्यूटी की।वन्य जीव गणना के दौरान देर रात तक डीएफओ सीकर, उपवन संरक्षक भीम सिंह यादव रेंजर रविसिंह भाटी जंगलों में मॉनिटरिंग करते रहे।

2024 की गणना में बढ़ा कुनबा
नीमकाथाना रेंज में बघेरा का कुनबा बढ़ा हैं। इस बार 5 बघेरा, 41 सियार, 5 जरख, 14 जंगली बिल्ली, 10 बिल्ली, 13 लोमड़ी, 5 भेड़िया, 1 छोटा बिज्जु, 7 बड़ा बिज्जू, 2 सांभर, 425 नीलगाय, 1 जंगली सुवर, 10 सेही, 1189 लंगूर, 40 खरगोस, 2 सारस, 1201 मोर, 2012 बंदर देखे गए।

बालेश्वर कंजर्वेशन रिजर्व के तहत इस बार वन क्षेत्र डोकन व भगेश्वर में वॉटर प्वाईंट बनाया गया था, जिस पर रात को 2:00 से 2.25 बजे के मध्य दो लेपर्ड का मूवमेंट देखा गया, जिसको मौके पर तैनात वनकर्मी अजय कुमार ने पैंथर के मूवमेंट को वीडियो में रिकार्ड किया। इसके बाद क्षेत्रीय वन अधिकारी व फारेस्टर महेश कुमार ने संबधित कार्मिकों के साथ निरीक्षण किया साथ ही रैया का बास कुड़ी धाम पर मादा पैंथर को एक शावक के साथ मूवमेंट करते हुए देखा गया।

• पाटन: 
पाटन रेंज में 4 पैंथर, 9 जरख, 23 सियार, 5 जगली बिल्ली, 18 बिल्ली, 10 लोमड़ी, 9 बिज्जू छोटा, 5 सांभर,  55 नीलगाय, 20 सेही, 1756 मोर, 1589 लंगूर, 4 शिकारी पक्षी सहित कुल वन्यजीव 4202 गणना के दौरान सामने आए।

• श्रीमाधोपुर: पैंथर-2, लोमड़ी-22, सियार-53, भेड़िया-8, नीलगाय- 331, जंगली बिल्ली-21, सेही-18, मोर-206, काले मुंह के बंदर-396, खरगोश 73, लाल मुंह के बंदर-50, जरख-2, कुल-1182

• खेतड़ी बांसियाल
पैंथर-6, सियार- 938, जरख-50, जंगली बिल्ली- 102, मरु बिल्ली-11, बिल्ली-71, लोमड़ी-266, मरु लोमड़ी-8, भेड़िया-4, छोटा बिज्जू- 84, नीलगाय- 1881, चिंकारा- 255, जंगली सूअर-62, सेही-156, लंगूर- 210, शिकारी पक्षी 5, मोर-2139, सांडा-13, काला तीतर-969, कुल वन्यजीव-7230

• उदयपुरवाटी: पैंथर 7, सियार-239, जरख-34, जंगली बिल्ली-138, बिल्ली-19, लोमड़ी- 94, भेड़िया-48, छोटा बिज्जू- 136, बड़ा बिज्जू- 46, कबर बिज्जू-5, सियागोश-11, सांभर- 16, नीलगाय-437, जंगली सूअर-36, सेही- 92, लंगूर- 662, शिकारी पक्षी 118, मोर-518, काल तीतर- 225, कुल वन्यजीव-2881

आखिरी गणना 2022 में
आखिरी वन्य जीव गणना वर्ष 2022 में वाटर हॉल पद्धति से हुई थी। 2023 में वन्य जीवों की गणना ही नहीं कराई गई। वर्ष 2022 में जब वन्य जीवों की गणना हुई थी तब खेतड़ी व उदयपुरवाटी में पैंथरों की दहाड़ सुनाई दी गई थी। दोनों जगह कुल नौ पैंथर दिखाई दिए थे। नीमकाथाना में सबसे ज्यादा संख्या बंदरों की संख्या दर्ज की गई थी। 1 बघेरा  29 गीदड़, 3 जरख, 6 मरू बिल्ली, 10 लोमड़ी, 4 भेड़िया, 2 बिज्जू बड़ा, 335 नीलगाय, 1146 लंगूर, 1988 बंदर, 2 सारस, 1088 मोर की संख्या दर्ज की गई है। वहीं पाटन में 2 पैंथर व सबसे ज्यादा संख्या मोर 1722 आंकी गई थी।

बंसियाल में वन्यकर्मी पर हुआ हमला
खेतड़ी बंसियाल कंजर्व रिजर्वेशन में वनपाल शाहरुख खान पर सीसीटीवी कैमरा सेट करते समय पैंथर ने अटैक किया था। स्टेट हाईवे 13 सड़क किनारे से आ रहे पैंथर बांसियाल रिजर्व कंजर्वेशन के मुख्य गेट समदेड़ा तालाब के पास वन कर्मी पर हमला बोल दिया। बाकी और कहीं से किसी वन्य कर्मी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई।

कुईया धाम पर दिखा पैंथर
रेंजर भाटी ने बताया कि गणना के दौरान भीतरली गांवड़ी में कुईया के पास पैंथर को देखा गया। वनकर्मी ने अपने कैमरे में कैद किया। हालांकि वाटर हॉल पर लगे ट्रैप कैमरों में कैद नहीं हो पाई।

ये वन्य जीव बढ़े
सियार 29 से बढ़कर 41, जरख 3 के से बढ़कर 5 लोमड़ी 10 से बढ़कर 13 जंगली बिल्ली 6 ये बढ़कर 10 बिज्जू छोटा 1 से बढ़कर 1 बिज्जू बड़ा 0 से बढ़कर 7 नील गाय 335 से बढ़कर 425 बंदर लाल मुंह 1988 ये बढ़कर 2012 बंदर काला मुंह 1146 से बढ़कर 1189 हो गए।

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