नीमकाथाना: हाई कोर्ट के आदेषों की उड़ी धज्जियां, जीएसएस की बेशकीमती भूमि पर निकाला आम रास्ता

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अग्रसेन भवन के लिए राजनैतिक रसूकदारों ने जबरन निकाला आमरास्ता 132 केवीजीएसएस के अधिकारियों ने भूमि पर लिया था, न्यायालय का स्थगन आदेष 

नीमकाथाना न्यूज़- औधोगिक क्षेत्र में स्थित 132 केवीजीएसएस की भूमि पर नवनिर्मित अग्रसेन भवन के लिए आमरास्ता निकालने का मामला सामने आया हैं। जानकारी अनुसार जीएसएस की खाली पड़ी जमीन पर अग्रसेन भवन निर्माणकर्ताओं ने मौका पाकर खाली पड़ी जमीन की दीवार तोड़कर आम रास्ता निकालने के लिए मिट्टी ड़लवा दी गई।

विगत एक वर्ष पूर्व पालिका व जीएसएस के बीच विवाद हुआ था। जिसको लेकर तत्कालीन तहसीलदार सीमा खैतान ने जीएसएस की भूमि को नगरपालिका के पक्ष में नामातंरण खोलकर उक्त भूमि पर नगरपालिका सम्पति का बोर्ड भी खड़ा कर दिया था। जीएसएस के अधिकारियों ने राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष पेष होकर स्थगन के आदेष ले लिया था। जिसपर भवन निर्माणकर्ता राजनैतिक रसूकदार होने के कारण करोड़ों की बैसकिमती भूमि पर अग्रसेन भवन को लाभ पहॅुचाने की नियति से कब्जा कर लिया।

गौरतलब है कि उक्त भूमि के पास अग्रसेन भवन का निर्माण हो रहा है। जिसमें कांग्रेस पार्टी से नगरपालिका अध्यक्ष अग्रवाल समाज का एवं भवन में सदस्य भी हैं। हाॅल ही में क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी का विधायक बनने के कारण अध्यक्ष अपने पद का दुप्रयोग करते हुए उक्त भूमि पर उच्च न्यायालय के स्थगन आदेष होने के बावजूद भी समाज के भवन के लिए जीएसएस की बैसकिमती भूमि को खुर्द बुर्द कर राजस्व का नुकसान करते हुए आम रास्ता निकाल लिया गया।

मामले को लेकर केवीजीएसएस के सहायक अभियंता सज्जन कुमार गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त भूमि पर उच्च न्यायालय का स्थगन आदेष होने के बावजूद भी आमरास्त निकाला गया हैं मामले की पूरी जानकारी लेकर विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया हैं। आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में कोर्ट आॅफ कंटेम की कार्यवाही की जावेगी।

वहीं आरएलपी पार्टी के प्रदेष महासचिव मनीष चैधरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सरकारी भूमि निकाले रास्ते को तत्काल बंद नहीं किया गया तो विधायक हनुमान बेनीवाल से मिलकर आगामी विस में प्रष्न लगाया जावेगा।

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