गोल्ड मेडलिस्ट कुमावत ने छोटे से गांव से निकलकर चित्रकला के क्षेत्र में देश-विदेश में बनाई पहचान

हरजनपुरा के कुमावत का अयोध्या राम मंदिर में आर्टिस्ट कैटेगरी के लिए चयन, अपनी चित्रकला से सजाएंगे मंदिर

चीफ एडिटर मनीष टांक की ख़ास रिपोर्ट...

नीमकाथाना। 10वीं में कम प्रतिशत अंक आने पर हर विद्यार्थी का मन विचलित हो जाता है जिस कारण अधिकांश बच्चें पढ़ाई से दूरी बना लेते है, लेकिन कुछ अपने हौसला नहीं खोते, ऐसी ही आपबीती नीमकाथाना के नजदीकी ग्राम हरजनपुरा के धर्मेंद्र कुमार कुमावत के साथ घटित हो चुकी है।
जिनके 10 वीं में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ जिससे इनका पढ़ाई से मन विचलित हो गया और छः माह तक घर पर एकांत में रहते हुए अपने आप को कोसते रहे, लेकिन भाई की समझाइश के बाद पढ़ाई को शुरू किया और गोविंदपुरा से कला संकाय में 12 वीं पास की। जिसके बाद बड़े भाई शंकरलाल कुमावत के साथ कर्नाटक चले गए, जहां 2014 में एमएफए में गोल्ड मेडल प्राप्त कर नाम रोशन किया। तब से इनकी सफलता की मिसाल बहुत ही रोचक बन गई। अपनी चित्रकारी कला से इन्होंने लगभग दो दर्जन से अधिक अवॉर्ड हासिल कर लिये। 

भाषा की समस्या हुई तो इंग्लिश को किया शामिल

कुमावत ने कन्नड़ व इंग्लिश भाषा में से इंग्लिश को चुना और सीखा कर्नाटक में इंग्लिश सीखने के बाद शुरुआत हुई चित्रकला के क्षेत्र की, जहां से कुमावत ने कर्नाटका में चित्रकला विषय एमएफए 2014 में 82% अंकों के साथ हासिल किया और यूनिवर्सिटी से चित्रकला के क्षेत्र में गोल्ड मेडल प्राप्त किया।

नेशनल ही नहीं इंटरनेशनल अवार्ड से सम्मानित

कुमावत ने मूर्तिकला, लकड़ी स्पेशल सीट दीवार आदि पर चित्रकला की विशेष योग्यता हासिल की। वर्ष 2010 से 2021 तक करीब ढाई सौ से अधिक चित्रकला के क्षेत्र में पेंटिंग का निर्माण कर चुके हैं। जिनकी कीमत हजारों में है। 
कुमावत ने टैक्सटाइल डिजाइन, वास्तुकला, लैंडस्केप, रियल स्टिक आदि के क्षेत्र में महारत हासिल की। कुमावत को पहला अवार्ड 2009 में एंटेस एनीमेशन अवार्ड मिला इसके बाद 2010 में अच्छा कार्य करने के लिए कर्नाटका ललित कला एकेडमी व 2013 में स्टेट लेवल अवार्ड प्राप्त किया। वहीं इंटरनेशनल अवॉर्ड दक्षिता आर्ट दिल्ली, नेशनल आर्टस्ट्री क्लिक अवॉर्ड मिला।

कुमावत का अयोध्या राम मंदिर में आर्टिस्ट कैटेगरी के लिए चयन

अयोध्या राम मंदिर में चित्रकला को लेकर
2019 में भूमिका हिंदुस्तान से 100 आर्टिस्टो का चयन हुआ है। जिनमें एक धर्मेंद्र कुमावत भी शामिल है। यूपी के ट्रस्ट कला सागर इंडिया नॉमिनी द्वारा चयन किया गया है।
कई जगहों पर चित्रकला प्रदर्शनी की, अब जहांगीर आर्ट गैलरी में किया अप्लाई

धर्मेंद्र कुमावत ने पहली प्रदर्शनी कर्नाटका के बेलगांव में दिखाई उसके बाद पांडुचेरी, चेन्नई, मंगलुरू, पुणे, इंदौर, अहमदाबाद, उदयपुर, दिल्ली और अयोध्या आदि स्थानों पर अपनी चित्रकला का उत्तम उदाहरण प्रस्तुत कर चुके हैं। कुमावत प्रदर्शनी के लिए मुंबई में जहांगीर आर्ट गैलरी में अप्लाई किया है। गौरतलब है कि जहांगीर आर्ट गैलरी के लिए देश के बड़े चित्रकारों को अनेक सालों का इंतजार करना पड़ता है।
देश के नामचीन हस्तियों के बच्चों को दी चित्रकला की शिक्षा

धर्मेंद्र कुमावत बाहरी बोर्ड आईबी में कार्यरत है, जो जैकी श्रॉफ की पत्नी द्वारा संचालित है। जहां भारतीय क्रिकेटर मुनाफ पटेल, तारक मेहता का उल्टा चश्मा में सुंदर पटेल सहित कई नामी हस्तियों के बच्चों को चित्रकला की शिक्षा दे चुके है।

चित्रकला के क्षेत्र के लोगों के लिए की अपील

धर्मेंद्र कुमावत ने चित्रकला में अपना नाम रोशन करने वालों आर्टिस्टों से अपील की है कि अपना हौसला बनाएं रखें। कला के क्षेत्र में बहुत से स्कोप है। कला को जिंदा रखने के लिए सरकार कला को प्राथमिकता देवें जिससे कला एवं संस्कृति का संरक्षण हो सकें।
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