नीमकाथाना@ घटना है वर्ष 1995 के सूर्यग्रहण के समय की जब भारतीय ताराभौतिकी संस्थान का कैम्प राजस्थान के एक छोटे से शहर नीम का थाना में लगाया गया। 24 अक्टूबर 1995 को नीमकाथाना में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई दिया। इसके अध्ययन हेतु विश्व के वैज्ञानिको द्वारा यहाँ शोध केंद्र बनाया।



भारतीय ताराभौतिकी संस्थान के प्रोफेसर (सेनि) रमेश कपूर ने बताया कि जब हमने नीमकाथाना में पूर्ण ग्रहण का नजारा किया वह खूबसूरत और यादगार बन गया। खासकर 24 अक्टूबर 1995 का पूर्ण सूर्यग्रहण विशेष यादें छोड़ गया।

उन्होंने अपने अनुभव में बताया कि कैम्प लगते ही हलचल तेज हो गई। हजारों लोग कैम्प में आए और हमसे ग्रहण से जुड़े बहुत सारे सवाल पूछने लगे। वे हमें छू-कर देखते थे जैसे खुद को कुछ यकीन दिलाना चाहते हों।

उस दिन 'नीम का थाना'  में हजारों की संख्या में पुरुष, महिलाएं, युवा, बच्चे, छात्र लगभग हर वय के लोग वहां आए। खासकर ग्रहण के दिन बहुत बड़ी संख्या में लोग कैम्प में पहुंचे। संस्थान ने शोध कार्य पूरे किए जिसमें विदेशी वैज्ञानिक भी शामिल हुए, वह ग्रहण यादगार रहा।

24 अक्टूबर 1995 की वो दुर्लभ तस्वीरें जब वैज्ञानिको ने नीमकाथाना में शोध किया

24 अक्टूबर 1995 को नीमकाथाना में पूर्ण सूर्य ग्रहण
शोध करते वैज्ञानिक 
नीमकाथाना में वैज्ञानिको ने डाला अपना डेरा


By- Martin Amis, (British Novelist) and Jay W. Richards


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Posted by नीमकाथाना न्यूज़ on Saturday, 20 June 2020


उस समय प्रोफेसर यश पाल स्टूडियो इस कैम्प के स्टूडियो मास्टर थे, और उन्होंने  इस पूरे कार्यक्रम को "प्रत्यक्ष" कैच करने की कोशिश की। उन्होंने राष्ट्रीय टीवी पर डीडी निर्माताओं से कहा "Arre, Jaldi Neem ka thana jao, Neem ka thana, ABHI JAO YAAR, khatam ho jayega!" और सूरज की कैमरे पर उभरती धीमी छाया को फोटो में कैद कर लिया गया।

स्पेशल रिपोर्ट: चिन रवास & नीमकाथाना न्यूज़ टीम