अजूबा! नीमकाथाना क्षेत्र बना कौतूहल का विषय; भैंस ने दिया सफेद रंग के बछड़े को जन्म, एक्सपर्ट बोलें: ऐसा एक करोड़ केस में होता हैं

0
नीमकाथाना: आमतौर पर देखा जाता है कि जब भैंस बछड़े या बछड़ी को जन्म देती है तो वह काले रंग के ही होते हैं, लेकिन राजस्थान के जिला नीमकाथाना में एक भैंस ने सफेद रंग के बछड़े को जन्म दिया है। ग्रामीण इसे कुदरत का करिश्मा बता रहे हैं। इस सफेद रंग के बछड़े को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ रही है। मामला वार्ड नं 18 शनि मंदिर के पास का हैं।
पशुपालक ने माना कुदरत का करिश्मा
नीमकाथाना के पशुपालक संजय कटारिया ने बताया कि उनके घर भैंस ने सफेद बछड़े को जन्म दिया है। इसे दखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग आ रहे हैं। भैंस मालिक कटारिया के अनुसार उनके घर भैंस का प्रसव हुआ। सफेद बछड़े देखकर एक बारगी तो परिजन भी हैरान हो गए। बाद में इस बछड़े को कुदरत को करिश्मा मान लिया।

बछड़ा पूरी तरह सफेद
संजय कहते हैं कि उनकी भैंस का बछड़ा पूरी तरह से सफेद है। हालांकि नाक, कान पिंक कलर के हैं। वहीं, आंखें भूरी हैं। बाकी यह भैंस का बच्चा भी सामान्य पाड़ों की तरह ही है। वह उसकी छोटी-छोटी बातें भी नोटिस करते हैं। मसलन, तेज धूप होने पर बछड़े की आंखें कम खुलती हैं।
नीमकाथाना क्षेत्र में बना कौतूहल का विषय
नीमकाथाना क्षेत्र में यह कौतूहल का विषय बना हुआ है। अमूमन तौर पर इस तरह का मामला देखने में बहुत ही कम आता है, ऐसा म्यूटेंट कैरेक्टर (उत्परिवर्तित वर्ण) के कारण होना बताया जाता है। नवजात मादा संतान सामान्य रूप से स्वस्थ एवं चुस्त-दुरुस्त है वह अपनी मां का दूध सामान्य रूप से पी रहा है और भैंस के व्यवहार में भी किसी तरह का कोई बदलाव नहीं देखा जा रहा है. भैंस सामान्य रूप से ही उसे अपना दूध पिला रही है।

झुंझुनूं में भी देखा गया ऐसा मामला
गौरतलब है कि नीमकाथाना के निकटवर्ती जिला झुंझुनूं जिले के थाना गुढ़ागौड़जी इलाके में गांव केड निवासी राकेश खरींटा के घर भी जनवरी 2022 में भैस ने ऐसे ही सफेद बछड़े को जन्म दिया था। 
झुंझुनूं जिले में संभवतया यह पहला मामला था कि किसी भैंस के सफेद पाड़ा हुआ हो। गाय-बकरियों में तो अक्सर सफेद रंग के बच्चे देखने को मिलते हैं, मगर भैंस का सफेद पाड़ा उस समय चर्चा का विषय बन गया था।

एक्सपर्ट व्यू पशुपालन विभाग.....ऐसे मामले दुर्लभ
सफेद भैंस का पाया जाना दुर्लभ है। ऐसा करोड़ों में एक केस में ही होता है इसका कारण यह है कि इनमें त्वचा में वर्णक नहीं बनते अर्थात यह एलबिनो होते हैं सामान्यतः जब यह बड़े होते हैं तो इनका रंग भूरा होने लगता है इनमें देखने व सुनने की क्षमता भी कम होती है

भैंस व गाय की भौतिक संरचना अलग अलग
गाय व भैंस के भौतिक संरचना में भी काफी अंतरः होता हैं जब बड़ा होगा तो गाय में गालव बहुत बड़ी होती हैं भैंस में ना के बराबर होती हैं जिसको गल कंबल कहते हैं गाय में गल कंबल होती हैं।

डॉ. जीएल लुणिया
सेवानिवृत, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग सीकर।

Post a Comment

0Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.
Post a Comment (0)
Neemkathana News

नीमकाथाना न्यूज़.इन

नीमकाथाना का पहला विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म..नीमकाथाना, खेतड़ी, पाटन, उदयपुरवाटी, श्रीमाधोपुर की ख़बरों के लिए बनें रहे हमारे साथ...


#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !