एनजीटी के आदेश की पालना में प्रशासन पहुंचा माइनिंग जोन रेला

Jkpublisher
नीमकाथाना/पाटन@रेला माइनिंग जोन की शिकायत एनजीटी कोर्ट भोपाल में करने के बाद एनजीटी कोर्ट भोपाल में इस प्रकरण की सुनवाई  दिनांक 14 जुलाई को होगी  इसको लेकर  प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा रेला माइनिंग जॉन पहुंचकर सभी नॉर्मस की जानकारी जुटाई। रेला निवासी इंद्राज गुर्जर ने बताया कि सुबह से दोपहर तक माइंस में सैंकड़ों डंपर, पोकलेन मशीन तथा आई आर मशीन काम कर रही थी ज्योंहि  खनन व्यवसायियों को इस बारे में जानकारी मिली कि  माइनिंग जोन  रेला में प्रशासनिक अधिकारी आ रहे है तो इन्होंने अपनी सभी मशीनें खनन एरिया से बाहर निकाल कर इधर-उधर खड़ी कर दी, ताकि किसी को पता नहीं चले।
  इंद्राज गुर्जर ने संवाददाता को बताया  कि रेला माइनिंग जोन में लगभग दो दर्जन माइंस स्वीकृत है परंतु अधिकांश खान वालों के पास में हैवी ब्लास्टिंग के लाइसेंस नहीं है उसके बावजूद भी वे लोग  हैवी ब्लास्टिंग का कार्य कर रहे हैं जिससे क्षेत्र में आए दिन भूकंप के झटके जैसे महसूस होते हैं एवं आए दिन दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। यही नहीं खनन माफियाओं ने  बांध के कैचमेंट एरिया  को भी अवरुद्ध कर दिया जिस कारण बांध में पानी भी नहीं आता एवं भारी ब्लास्टिंग से रेला बांध की  दीवारों में भी दरारें आगयी है  जिस कारण बांध का पानी  रिसाव होकर खानों में चला जाता है। ये लोग खानों से पाइप के द्वारा पानी निकालकर व्यर्थ बहा देते हैं जिस कारण क्षेत्र में पानी की समस्या भी बनी हुई है। प्रशासन मौके पर पंहुच कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और शिघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।इस दौरान उपखंड अधिकारी साधुराम जाट, तहसीलदार बृजेश कुमार गुप्ता, खनिज विभाग के अधिकारी,पोलूशन कंट्रोल बोर्ड सीकर के अधिकारी,लीज मालिक ,वन विभाग, सिंचाई विभाग, सहित ग्राम के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !