नीमकाथाना- राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत नीमकाथाना ब्लाॅक के सभी 260 आंगनबाडी केन्द्रों पर समुदाय आधारित उत्सव के रुप में अन्नप्राषन दिवस मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम आंगनबाडी केन्द्र नयाबास में हुआ। इस अवसर पर उपस्थित समुदाय को संबोधित करते हुए सीडीपीओ चेतानी ने बताया कि बच्चे की आयु छह महीने की हो जाने के बाद मां का दूध पोषण संबंधी जरुरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त होता है। इस उम्र तक आने के बाद षिषुओं को अद्र्वठोस पूरक आहार जैसे दलिया, खिचडी आदि देना शुरु किया जाना चाहिये।
हमारे देष में प्राचीन काल से ही बच्चे को उपरी आहार शुरु करने के दिवस को अन्नप्राषन दिवस के रुप में मनाने की समृद्व परम्परा रही है। अब एक अभिनव पहल करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने घर की चारदिवारी के भीतर आयोजित होने वाले इस संस्कार को समुदाय आधारित करते हुए आंगनबाडी केन्द्रों पर सार्वजनिक रुप से मनाना शुरु किया है ताकि देष में पोषण संबंधित जागरुकता का प्रचार प्रसार किया जा सके। ब्लाॅक र्कार्डिनेटर अंषुल श्रीवास्तव ने पोषण माह के अंतर्गत चल रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए समुदाय से आग्रह किया कि मौसमी बिमारियों से बचाव हेतु स्वच्छता और साफ सफाई का विषेष ध्यार रखा जावें। माताऐं 6 माह तक के बच्चे को केवल स्तनपान की करवायें। कोई और खाघ पदार्थ यहां तक कि पानी भी नहीं देना चाहिये वह भी नवजात बच्चे में डायरिया का कारण बन सकता है।


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