फॉरेस्ट में होने से नहीं हो रहा सुविधाओं का विस्तार 

नीमकाथाना- टोडा के कालाकोटा में चार सौ साल पुराने दाऊ धाम की भूमि को वन क्षेत्र से बाहर करने के लिए भक्तों ने कलेक्टर से मांग की है। सरदार पटेल यूथ फेडरेशन के प्रदेश मंत्री कृष्ण कुमार गुर्जर ने कहा 405 वर्ष पूर्व धाम की स्थापना हुई थी।
अब तक भक्तों की सुविधा के लिए गोशाला, भोजनशाला, धर्मशाला, पार्किंग सुविधा के लिए मैदान बनाए गए हैं। 1960-65 में रेवन्यूविभाग के प्रस्ताव से वन विभाग के नाम जमीन का रिकाॅर्ड बन गया। धाम की करीब 10-12 हैक्टेयर भूमि को फिर से मंदिर के नाम कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

कई संगठनों ने कलेक्टर को दाऊ धाम की जमीन से जुड़े रिकार्ड सौंपे हैं। सुविधाओं व धाम के विकास हेतु लोगों ने भी वन भूमि को वापस मंदिर के नाम करने की मांग रखी है। गुर्जर ने कहा वर्तमान में निर्माण शुरू करने पर वन अधिकारी रोकते हैं। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

दाऊ धाम पर गौशाला के लिए चारा भंडारणग्रह, आयुर्वेद योगशाला, अस्पताल, संस्कृत विद्यालय व अन्य सुविधाओं के लिए निर्माण जरूरी है।

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