नीमकाथाना पालिका क्षेत्र के वार्ड 12 में हीरानगर रोड पर कुई धंसने से दबे श्रमिक को 26 घंटे बाद भी नहीं निकाला जा सका। नौ इंजीनियर 50 कार्मिकों के साथ चार एलएनटी मशीनों से लगातार खुदाई करवा रहे हैं, लेकिन अब हालात खतरनाक हो गए हैं। कुई के पास बने मकान के नीचे की मिट्‌टी भी धंसने लगी है।


रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे इंजीनियरों ने मिट्‌टी के कट्‌टे व बल्ली लगाकर मकान को गिरने से रोकने के प्रयास किए। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को भी रोक दिया गया। दूसरी ओर दो दिन से मौके पर जमा श्रमिक जयचंद सैनी के परिजनों का सब्र भी टूट गया।

भाई रामेश्वर, दामाद व भतीजों ने रेस्क्यू ऑपरेशन पर सवाल खड़े कर दिए। उनका आरोप है कि प्रशासन कुई में दबे जयचंद को निकालने के लिए ठोस प्रयास नहीं कर सका। प्रशासन ने कलेक्टर के माध्यम से एनडीआरएफ व विशेषज्ञों की मदद मांगी है।

फिलहाल हालात खतरनाक हो गए हैं। एलएनटी व जेसीबी मशीन से मिट्टी हटाने पर मकान के पास की जमीन भी धंसने लगी है। ऑपरेशन में पालिका, पीडब्ल्यूडी, माइनिंग व रेलवे के इंजीनियर व कार्मिक शामिल हुए।एसडीएम जेपी गौड़, तहसीलदार सरदारसिंह गिल, एएमई अनिल गुप्ता तैनात रहे।

दो मंजिला शौचालय, दीवार गिरी, मकान में भी आई दरारें : पहले जेसीबी मशीनों से खुदाई शुरू हुई। मकान में बने दो मंजिला चार शौचालय व स्नानघर मिट्‌टी निकलने से गिर गए। मिट्‌टी धंसना नहीं रुका तो पड़ोसी की दीवार गिराई गई। शनिवार शाम को इंद्रसिंह जाट के मकान में भी दरारें शुरू हो गई। रेलवे की एलएनटी कंपनी के इंजीनियरों ने काम रोक दिया।


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