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गणेश्वर: अतिक्रमण से परेशान हैं श्रद्धालु, हर समय रास्ता रहता है जाम

एक पहल निखरें हमारे तीर्थ स्थल-3

गणेश्वर पीएचसी की चिकित्सा सेवा भी गड़बड़ाई हुई, एक ही डॉक्टर, वह भी कई बार नही मिलता

नीमकाथाना: गणेश्वर में लोगों ने चहुंओर अतिक्रमण कर रखा है। इससे ग्रामीण ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां पावर हाउस से लेकर सरकारी स्कूल तक अतिक्रमण है। बस स्टैंड पर अतिक्रमण के चलते यहां अमूमन जाम के हालात बने रहते हैं। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।ग्राम पंचायत ने इस बाबत कई बार अतिक्रमियों को नोटिस भी जारी किए, लेकिन लोग आंख मूंदकर बैठे हैं।
अतिक्रमण से परेशान हैं श्रद्धालु, हर समय जाम रहता है
गणेश्वर पीएचसी की चिकित्सा सेवा भी गड़बड़ाई हुई है। यहां एक डाॅक्टर कार्यरत है जो कई बार नदारद रहते हैं। ऐसे में पीएचसी आने वाले मरीजों का उपचार कंपाउडर ही करते हैं। कई बार बताने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा।

बंदरों का आतंक:

प्रसिद्ध गालव कुंड पर स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालु यहां बंदरों के आतंक से परेशान हैं। कई बार बंदर श्रद्धालुओं पर हमला कर देते हैं। इससे कई श्रद्धालु जख्मी हो चुके हैं। यहां बंदर श्रद्धालुओं की बाइकों की सीट फाड़ देते हैं। वहीं बड़े वाहनों पर उछलकूद कर क्षतिग्रस्त कर देते हैं।

नहीं मिल पाता इलाज:

तीर्थ धाम के अस्पताल में दर्जनों गांव- ढाणियों के मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन यहां डाॅक्टर नहीं मिलने से लोगों को अन्यत्र जाना पड़ता है। मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं होने से मरीज ज्यादा परेशान होते हैं। क्योंकि मरीज के साथ आए लोगों की परिजनों से बात नहीं हो पाती। ऐसे में मरीज को लेकर आए लोग पहले घर जाते हैं। बाद में मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ता है।

👨 जनसाधारण के विचार

◈  गणेश्वर प्रमुख तीर्थधाम है, लेकिन इसकी उपेक्षा हो रही है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को धाम को पर्यटक स्थल बनाने के प्रयास करने चाहिए।
विजय शर्मा, ग्रामीण गणेश्वर

◈  गणेश्वर में पीएचसी है, लेकिन यहां मरीजों को इलाज नहीं मिलता। रात के समय तो 15 किमी दूर नीमकाथाना जाना पड़ता है। दूर गांवों से आने वाले लोग ज्यादा परेशान होते हैं।
कमलेश सैनी, ग्रामीण 

◈ तीर्थधाम पर अतिक्रमण बड़ी समस्या है। इससे श्रद्धालुओं को गालव कुंड तक जाने में असुविधा होती है। प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।
सुमेरसिंह, ग्रामीण

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